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किन लोगों के मुँह से बदबू आती है और क्यों?





किन लोगों के मुँह से बदबू आती है और क्यों?

( अनुराधा दास )

मुँह की बदबू, जिसे चिकित्सकीय भाषा में 'हैलिटोसिस' (Halitosis) कहा जाता है, एक बहुत ही सामान्य लेकिन शर्मनाक समस्या है। यह न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि यह किसी व्यक्ति के आत्मविश्वास को कम कर देती है और सामाजिक जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। कई बार लोगों को खुद पता नहीं चलता कि उनके मुँह से दुर्गंध आ रही है, जिसके कारण उन्हें दूसरों के सामने शर्मिंदा होना पड़ता है।
यहाँ विस्तार से बताया गया है कि किन लोगों के मुँह से बदबू आती है, इसके मुख्य कारण क्या हैं और इस समस्या को दूर करने के उपाय क्या हैं।





◽किन लोगों के मुँह से बदबू आती है और क्यों?

मुँह से दुर्गंध आने की कोई निश्चित उम्र या लिंग नहीं होता। यह समस्या किसी को भी हो सकती है। हालाँकि, कुछ विशेष आदतों या शारीरिक स्थितियों वाले लोगों में यह समस्या अधिक देखी जाती है।
मुख्य रूप से निम्नलिखित कारणों से मुँह से बदबू आती है:

(1) जो लोग मुँह की सफाई पर ध्यान नहीं देते:

मुँह की दुर्गंध का सबसे बड़ा कारण मुँह की गंदगी है। जब हम खाना खाते हैं, तो भोजन के छोटे-छोटे कण हमारे दाँतों के बीच, मसूड़ों में और जीभ पर चिपक जाते हैं। यदि समय पर ब्रश या कुल्ला नहीं किया जाता, तो मुँह में मौजूद बैक्टीरिया इन खाद्य कणों को सड़ाना शुरू कर देते हैं। इस सड़न की प्रक्रिया से 'सल्फर यौगिक' उत्पन्न होते हैं, जो सड़े हुए अंडे जैसी तीखी गंध पैदा करते हैं।

(2) जिनकी जीभ साफ नहीं होती:

बहुत से लोग दाँत तो साफ करते हैं लेकिन जीभ साफ करना भूल जाते हैं। हमारी जीभ की सतह खुरदरी होती है और उस पर असंख्य छोटे-छोटे छिद्र होते हैं। इन जगहों पर मृत कोशिकाएँ, भोजन के कण और बैक्टीरिया जमा होकर एक सफेद परत बना लेते हैं। यह परत ही दुर्गंध का एक मुख्य स्रोत है। जो लोग जीभ साफ नहीं करते, उनके मुँह से बदबू आने की संभावना बहुत अधिक होती है।




(3) जिनका मुँह सूखा रहता है (Dry Mouth):

हमारे मुँह में बनने वाली लार (Saliva) प्रकृति द्वारा दिया गया एक प्राकृतिक क्लीनर है। यह मुँह को गीला रखती है और दुर्गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया को धोकर साफ करने में मदद करती है। लेकिन कुछ लोगों के मुँह में पर्याप्त मात्रा में लार नहीं बनती। विशेषकर रात में सोते समय लार का उत्पादन कम हो जाता है, जिससे सुबह उठने पर मुँह से बदबू आती है। लेकिन जिनका मुँह हमेशा सूखा रहता है, उनके मुँह से लगातार दुर्गंध आ सकती है।


(4) तंबाकू और नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले:

धूम्रपान, तंबाकू, गुटका या पान खाने वाले लोगों के मुँह से एक विशेष प्रकार की दुर्गंध आती है। तंबाकू उत्पाद न केवल अपनी गंध फैलाते हैं, बल्कि ये मसूड़ों की बीमारी (Gum Disease) पैदा करते हैं और मुँह को सूखा देते हैं। इससे मुँह की बदबू दोगुनी हो जाती है।

(5) विशिष्ट भोजन करने वाले व्यक्ति:

प्याज, लहसुन और कुछ तीखे मसालेदार भोजन करने के बाद मुँह से बदबू आना स्वाभाविक है। ये खाद्य पदार्थ पचने के बाद इनके तेल का अंश रक्त में मिल जाता है और फेफड़ों तक पहुँचता है। जब व्यक्ति साँस छोड़ता है, तो वह गंध बाहर आती है।

(6) दाँत या मसूड़ों की बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति:

जिनके दाँतों में कीड़ा लगा हो (Cavity) या मसूड़ों की बीमारी (Pyorrhea) हो, उनके मुँह में बैक्टीरिया के पनपने के लिए बहुत अच्छी जगह मिल जाती है। मसूड़ों से मवाद आना या दाँतों के बीच फँसे भोजन का सड़ना दुर्गंध का बड़ा कारण है।

(7) अन्य शारीरिक रोगों से ग्रस्त व्यक्ति:

कभी-कभी मुँह की बदबू केवल मुँह की समस्या न होकर शरीर के अन्य अंगों के रोगों का लक्षण भी हो सकती है। जैसे:
◽ साइनस का संक्रमण (Sinus infection)।
◽ गले या टॉन्सिल का संक्रमण (Tonsillitis)।
◽ एसिडिटी या गैस्ट्रिक की समस्या (Acid Reflux)।
◽ मधुमेह (डायबिटीज के रोगियों के मुँह से कभी-कभी फलों जैसी या एसीटोन की गंध आ सकती है)।
◽ लिवर या किडनी की बीमारी।


◽ मुँह की बदबू दूर करने के उपाय

मुँह की बदबू दूर करने के लिए हमें अपनी दिनचर्या में कुछ आसान नियमों का पालन करना होगा। नीचे दिए गए उपायों को अपनाकर इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है:

(1) सही तरीके से दाँत ब्रश करना:

दिन में कम से कम दो बार—सुबह उठने के बाद और रात को सोने से पहले—दाँत ब्रश करना अनिवार्य है। फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का उपयोग करने से दाँत मजबूत होते हैं और बैक्टीरिया से लड़ने में मदद मिलती है। याद रखें, केवल सामने के दाँत ही नहीं, बल्कि अंदर के दाँतों को भी अच्छी तरह साफ करना चाहिए। ब्रश पुराना होने पर (हर ३-४ महीने में) बदल देना चाहिए।

(2) जीभ की सफाई (Tongue Cleaning):

जीभ पर जमा सफेद परत ही दुर्गंध की जड़ है। इसलिए हर बार ब्रश करते समय 'टंग क्लीनर' (Tongue Cleaner) या ब्रश के पिछले हिस्से का उपयोग करके जीभ को धीरे-धीरे साफ करना चाहिए। जीभ को पीछे से आगे की ओर लाकर साफ करने से बैक्टीरिया हट जाते हैं।

(3) फ्लॉसिंग (Flossing):

ब्रश के रेशे दाँतों के बीच की बहुत ही संकरी जगहों तक नहीं पहुँच पाते। इसलिए दाँतों के बीच फँसे भोजन को निकालने के लिए दिन में कम से कम एक बार 'फ्लॉसिंग' (दाँतों के बीच धागा डालकर साफ करने की विधि) करनी चाहिए।

(4) पर्याप्त पानी पीना:

मुँह को सूखने न दें। दिन भर में पर्याप्त पानी पीने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है और मुँह में पर्याप्त लार बनती है। लार मुँह की दुर्गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया को धोकर साफ कर देती है।

(5) खानपान में बदलाव:

◽ कच्चे फल और सब्जियाँ, जैसे— सेब, गाजर, खीरा आदि चबाकर खाने से दाँतों की प्राकृतिक रूप से सफाई होती है।
◽ अधिक कॉफी या चाय पीने के बजाय ग्रीन टी (Green Tea) पीने की आदत डालें, जो बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करती है।



(6) घरेलू नुस्खों का उपयोग:
कुछ प्राकृतिक तत्व मुँह की बदबू को तुरंत दूर करने में मदद करते हैं:
◽ लौंग और इलायची: खाना खाने के बाद एक लौंग या इलायची चबाने से मुँह की बदबू खत्म होती है और यह एंटी-बैक्टीरियल के रूप में भी काम करता है।
◽ सौंफ (Fennel Seeds): सौंफ चबाने से भी साँसों में ताजगी आती है।
◽ तुलसी के पत्ते: तुलसी के पत्ते चबाने से मुँह का संक्रमण कम होता है और दुर्गंध दूर होती है।

(6) तंबाकू छोड़ना:
यदि आप धूम्रपान या गुटका का सेवन करते हैं, तो मुँह की दुर्गंध दूर करना लगभग असंभव हो जाता है। इन आदतों को छोड़ने से न केवल मुँह की बदबू, बल्कि पूरे स्वास्थ्य में सुधार होगा।

(8) डेंचर या नकली दाँतों की सफाई:
जो लोग नकली दाँत (Dentures) इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इसे रोजाना साफ करना चाहिए। गंदे डेंचर में बैक्टीरिया आसानी से जमा हो जाते हैं।

(9) नियमित दंत चिकित्सक की सलाह:

हर ६ महीने में दंत चिकित्सक (Dentist) के पास जाकर दाँतों की जाँच करवानी चाहिए। कभी-कभी दाँतों के अंदर छिपी समस्याएँ दुर्गंध का कारण बनती हैं, जो बाहर से पता नहीं चलतीं। डॉक्टर 'स्केलिंग' (Scaling) या दाँतों की सफाई के जरिए प्लाक और टार्टर हटा देते हैं, जिसे घर पर ब्रश करके नहीं हटाया जा सकता।

मुँह की बदबू के कारण बहुत से लोग हीनभावना का शिकार हो जाते हैं, लेकिन यह कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। ९०% मामलों में मुँह की दुर्गंध का कारण मुँह के अंदर ही होता है और सामान्य साफ-सफाई रखकर इसे दूर किया जा सकता है। ऊपर बताए गए नियम, विशेष रूप से दिन में दो बार ब्रश करना, जीभ साफ करना और भरपूर पानी पीने की आदत डालने से आप भी ताजी साँस और आत्मविश्वास भरी मुस्कान पा सकते हैं।