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বিজ্ঞাপন

किसी को चूमते (Kiss) समय सावधान रहें! हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस (HSV-1) का संक्रमण हो सकता है। यह एक ऐसा वायरस है जो कभी नष्ट नहीं होता।


किसी को चूमते (Kiss) समय सावधान रहें! हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस (HSV-1) का संक्रमण हो सकता है। यह एक ऐसा वायरस है जो कभी नष्ट नहीं होता।


( अपूर्व दास )

मानव शरीर में विभिन्न प्रकार के वायरस का संक्रमण होता है, जिनमें से चर्म रोग या श्लेष्म झिल्ली (Mucous Membrane) पर हमला करने वाला एक प्रमुख वायरस 'हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस' (Herpes Simplex Virus) है।
जब किसी के होंठों के कोने या होंठों के ऊपर छोटे-छोटे पानी भरे फोड़े या घाव दिखाई देते हैं और साथ ही बुखार महसूस होता है, तो अक्सर इसे इस वायरस के संक्रमण का परिणाम माना जाता है। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इसे 'ओरल हर्पीस' (Oral Herpes) या 'कोल्ड सोर्स' (Cold Sores) कहा जाता है।



(1) वायरस का परिचय

हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है:
 • HSV-1 (टाइप 1): यह वही वायरस है जो मुख्य रूप से चेहरे, विशेषकर होंठों पर संक्रमण का कारण बनता है। आपके प्रश्न में वर्णित लक्षणों के लिए यही वायरस जिम्मेदार है।
 
• HSV-2 (टाइप 2): यह आमतौर पर जननांग संक्रमण या जेनिटल हर्पीस के लिए जिम्मेदार होता है।

👉 HSV-1 एक अत्यंत संक्रामक प्रकृति का वायरस है।

⚠️ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया की एक बड़ी आबादी (लगभग 67% या उससे अधिक) इस वायरस की वाहक है। आश्चर्यजनक बात यह है कि एक बार जब यह वायरस शरीर में प्रवेश कर जाता है, तो यह कभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं होता है। यह तंत्रिका कोशिकाओं (Nerve cells) में सुप्त अवस्था (Dormant) में छिपा रहता है और मौका मिलते ही फिर से सक्रिय हो जाता है।

(2) संक्रमण कैसे होता है?

इस वायरस का संक्रमण सीधे संपर्क (Direct Contact) के माध्यम से होता है। यह हवा के माध्यम से नहीं फैलता है, लेकिन संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर यह तेजी से फैल सकता है। संक्रमण के प्रमुख माध्यम हैं:

👉 सीधा संपर्क: संक्रमित व्यक्ति के होंठ या घाव को छूने या चूमने (Kissing) से यह वायरस दूसरे व्यक्ति में फैलता है।

👉 लार या थूक: संक्रमित व्यक्ति की लार के माध्यम से भी यह फैल सकता है।

👉 उपयोग की गई सामग्री: संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग किए गए टूथब्रश, तौलिया, रूमाल, लिपस्टिक, या पानी पीने का गिलास/चम्मच साझा करने से स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में यह वायरस प्रवेश कर सकता है।

👉 बच्चों को चूमना: अक्सर देखा जाता है कि छोटे बच्चों को प्यार से चूमने के कारण बड़ों से उनमें यह वायरस संक्रमित हो जाता है।

(3) लक्षण

HSV-1 संक्रमण के लक्षण कई चरणों में दिखाई देते हैं। पहली बार संक्रमण होने पर लक्षण थोड़े अधिक तीव्र हो सकते हैं।

• प्रारंभिक चरण (Prodrome Stage): घाव निकलने के 1 या 2 दिन पहले होंठ के एक विशिष्ट हिस्से में लालिमा, दर्द, खुजली या जलन महसूस होती है। यह संकेत है कि वायरस जाग गया है।

• फोड़ा या छाले (Blister Stage): खुजली वाली जगह पर छोटे-छोटे पानी से भरे फोड़े निकल आते हैं। ये देखने में अंगूर के गुच्छे जैसे हो सकते हैं।



• घाव या अल्सर (Ulcer Stage): फोड़े फट जाते हैं और उनसे पानी निकलता है। इस समय उस जगह पर लाल घाव हो जाता है और काफी दर्द होता है। इस अवधि में संक्रमण दूसरों में फैलने की संभावना सबसे अधिक होती है।

• पपड़ी जमना (Scabbing Stage): घाव सूखने लगते हैं और उन पर पीले या भूरे रंग की पपड़ी जम जाती है।

• ठीक होना (Healing Stage): सूखी पपड़ी झड़ जाती है और त्वचा सामान्य स्थिति में लौट आती है। आमतौर पर इसका कोई निशान नहीं रहता।

◽बुखार का संबंध:
पहली बार संक्रमित होने पर सिर्फ मुंह में घाव ही नहीं, बल्कि शरीर में वायरल इन्फेक्शन के अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं, जैसे—
 
• बुखार (Fever)।
 * गले की ग्रंथियों या लिम्फ नोड्स में सूजन (Swollen lymph nodes)।

• मांसपेशियों में दर्द।

• सिरदर्द और कमजोरी।
यह बुखार आमतौर पर वायरस के खिलाफ शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system) द्वारा लड़ने के परिणामस्वरूप होता है।



(4) यह कितना खतरनाक है? (Severity Analysis)

आमतौर पर, एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति के लिए HSV-1 या 'कोल्ड सोर्स' जानलेवा नहीं होता है। यह एक परेशान करने वाली स्थिति है, लेकिन आमतौर पर 7 से 14 दिनों के भीतर यह अपने आप ठीक हो जाता है।

लेकिन, कुछ विशेष मामलों में यह बहुत खतरनाक और कभी-कभी जानलेवा भी हो सकता है:

👉 आंखों का संक्रमण (Ocular Herpes): यदि गलती से हाथ के द्वारा यह वायरस आंखों तक फैल जाए, तो यह आंख के कॉर्निया (Cornea) को नष्ट कर सकता है। इससे दृष्टि कम होने या पूर्ण अंधापन होने की संभावना रहती है। दुनिया में संक्रामक कारणों से अंधापन होने का एक प्रमुख कारण यह वायरस है।

👉 मस्तिष्क का संक्रमण (Herpes Encephalitis): बहुत दुर्लभ मामलों में, यह वायरस मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी की नसों तक फैल सकता है। इससे 'एन्सेफलाइटिस' (मस्तिष्क की सूजन) हो सकता है। यदि समय पर इलाज न किया जाए, तो यह मृत्यु का कारण बन सकता है या मस्तिष्क को स्थायी क्षति पहुंचा सकता है।

👉 नवजात शिशु के लिए खतरा (Neonatal Herpes): जन्म के समय या बाद में यदि कोई नवजात शिशु इस वायरस से संक्रमित हो जाता है, तो यह अत्यंत घातक है। शिशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वायरस उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को विफल कर सकता है। इसलिए, कोल्ड सोर्स वाले लोगों को कभी भी बच्चों को नहीं चूमना चाहिए।

👉 कमजोर इम्यूनिटी वाले व्यक्ति: जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है (जैसे— कैंसर रोगी, एचआईवी संक्रमित व्यक्ति, या अंग प्रत्यारोपण वाले रोगी), उनके लिए यह साधारण वायरस ही जटिल रूप धारण कर सकता है।

👉 एक्जिमा (Eczema Herpeticum): जिन्हें पहले से एक्जिमा या चर्म रोग है, उनकी त्वचा के बड़े हिस्से में यह वायरस तेजी से फैलकर गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

(5) यह बार-बार क्यों होता है? (Triggers)

जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, यह वायरस एक बार शरीर में प्रवेश करने के बाद कभी मरता नहीं है। यह चेहरे की नसों के केंद्र (Trigeminal Ganglion) में सोता रहता है। लेकिन कुछ विशेष कारणों से यह फिर से जाग उठता है और दोबारा घाव पैदा करता है। 

ये कारण हैं:
 • अत्यधिक मानसिक तनाव (Stress)।
 • कोई बीमारी या बुखार।
 • ठंड लग जाना।
 • तेज धूप या सूरज की गर्मी।
 • हार्मोनल बदलाव (महिलाओं में मासिक धर्म के समय)।
 • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होना।
 • होंठों पर चोट या सर्जरी।

(6) चिकित्सा और रोकथाम

हालाँकि इस वायरस को पूरी तरह से खत्म करने के लिए कोई दवा ईजाद नहीं हुई है, फिर भी इसके प्रकोप को कम करने और घाव को जल्दी सुखाने के लिए उपचार उपलब्ध हैं।

चिकित्सा:

• एंटीवायरल दवाएं (Antiviral Medications): घाव के लक्षण (जैसे—दर्द) शुरू होते ही यदि 'एसाइक्लोविर' (Acyclovir), 'वैलासाइक्लोविर' (Valacyclovir) या 'फेमसाइक्लोविर' (Famciclovir) जैसी मलहम या गोलियां ली जाएं, तो घाव जल्दी सूखता है और इसकी तीव्रता कम होती है।

• घरेलू देखभाल: बर्फ लगाने या ठंडे पानी से धोने पर जलन और दर्द थोड़ा कम होता है। घाव वाली जगह को साफ रखना चाहिए ताकि बैक्टीरिया का संक्रमण न हो।
रोकथाम और सावधानियां:

• संपर्क से बचें: घाव होने की स्थिति में दूसरों को चूमने या ঘনিষ্ঠ संपर्क से बचें।

• सामान साझा न करें: अपनी व्यक्तिगत सामग्री जैसे— लिप बाम, चम्मच, गिलास, तौलिया दूसरों के साथ साझा न करें।

• हाथ धोना: घाव को छूने के बाद तुरंत साबुन से हाथ धोएं। हाथ धोए बिना आंखों या जननांगों को न छुएं।

• सूर्य की किरणों से सुरक्षा: यदि धूप के कारण आपको घाव होते हैं, तो बाहर जाते समय सनस्क्रीन युक्त लिप बाम का उपयोग करें।

• मानसिक तनाव नियंत्रण: योग, ध्यान या पर्याप्त नींद के माध्यम से मानसिक तनाव कम रखने पर वायरस के सक्रिय होने की संभावना कम होती है।

होंठों पर होने वाले कोल्ड सोर्स या हर्पीस (HSV-1) संक्रमण एक बहुत ही सामान्य समस्या है। अधिकांश लोगों के लिए यह केवल सुंदरता में कमी और अस्थायी कष्ट का कारण है। लेकिन इसके घातक पहलुओं को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, विशेषकर आंखों की सुरक्षा और नवजात शिशुओं के मामले में।
यदि आपको यह समस्या बार-बार होती है या घाव बहुत अधिक होते हैं, या आंखों के पास फैल जाते हैं, तो बिना देर किए एक चर्म रोग विशेषज्ञ (Dermatologist) से सलाह लेनी चाहिए। जागरूकता और साफ-सफाई ही इस वायरस को नियंत्रण में रखने का सबसे अच्छा उपाय है।