तिल पिठा और तिल के लड्डू : असमिया पारंपरिक रेसिपी (माघ बिहू / भोगाली बिहू के लिए)
( Anuradha Das )
माघ बिहू, जिसे भोगाली बिहू भी कहा जाता है, असम का सबसे प्रमुख फसल उत्सव है। यह त्योहार नई फसल की खुशी, सामूहिक भोज और पारंपरिक व्यंजनों के लिए जाना जाता है। इस अवसर पर तिल से बनी मिठाइयों का विशेष महत्व होता है। तिल पिठा और तिल के लड्डू भोगाली बिहू के सबसे लोकप्रिय और पारंपरिक रेसिपी हैं, जिन्हें घर-घर में प्रेम और श्रद्धा के साथ बनाया जाता है।
◽नए तरीकेसे तिल पिठा बनाने की विधि
सामग्री:
चावल का आटा – 2 कप
काले तिल – 1 कप
गुड़ (कसा हुआ) – 1 कप
पानी – आवश्यकता अनुसार
नमक – एक चुटकी
बेकिंग सोडा - एक चुटकी
बनाने की विधि:
सबसे पहले काले तिल को साफ करके धीमी आंच पर हल्का भून लें। भुनने के बाद उन्हें ठंडा करके दरदरा पीस लें। अब एक कढ़ाही में गुड़ डालकर धीमी आंच पर पिघलाएं। जब गुड़ पूरी तरह पिघल जाए, तब उसमें पिसे हुए तिल मिलाएं और अच्छी तरह मिला लें। यह मिश्रण तिल पिठा की भरावन (स्टफिंग) कहलाता है। इसमें आप बादाम को फ्राई करके दरदरा पीस के मिक्स कर सकते हैं।
अब एक बर्तन में चावल का आटा लें, उसमें एक चुटकी नमक और एक चुटकी बेकिंग सोडा मिलाएं और गुनगुना पानी डालकर नरम आटा गूंथ लें।
आटे से छोटे-छोटे लोई बनाएं। हर लोई को हथेली पर फैलाएं, बीच में तिल-गुड़ की स्टफिंग रखें और किनारों को मोड़कर बेलनाकार पिठा का आकार दें।
अब एक पैन या तवे को गरम करें। तेल डालकर पिठा को धीमी आंच पर पकाए। इसके अलावा, आप इसे स्टीम करके भी पका सकते हैं। जब पिठा सुनहरा हो जाए और खुशबू आने लगे, तब उतार लें। गरमागरम तिल पिठा खाने में बेहद स्वादिष्ट लगते हैं।
◽तिल के लड्डू बनाने की विधि
सामग्री:
काले तिल – 2 कप
गुड़ – 1½ कप
घी – 1 छोटा चम्मच (वैकल्पिक)
बनाने की विधि:
काले तिल को धीमी आंच पर हल्का भून लें, जब तक वे चटकने न लगें। अब इन्हें ठंडा होने दें और फिर दरदरा पीस लें। दूसरी ओर, कढ़ाही में गुड़ डालकर धीमी आंच पर पिघलाएं। चाहें तो थोड़ा सा घी डाल सकते हैं, इससे लड्डू में अच्छी खुशबू आती है।
जब गुड़ पूरी तरह पिघल जाए, तब उसमें पिसे हुए तिल डालें और अच्छे से मिलाएं। गैस बंद कर दें और मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें। जब मिश्रण हाथ से छूने लायक हो जाए, तब हथेलियों पर पानी या घी लगाकर छोटे-छोटे लड्डू बना लें।
तिल पिठा और तिल के लड्डू न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं। तिल में कैल्शियम, आयरन और ऊर्जा भरपूर मात्रा में होती है, जो सर्दियों में शरीर को गर्म रखती है। माघ बिहू के अवसर पर ये Recepie समृद्धि, मिठास और पारिवारिक एकता का प्रतीक हैं।
भोगाली बिहू की खुशियों को मनाने के लिए तिल पिठा और तिल के लड्डू जरूर बनाएं और असमिया परंपरा का आनंद लें।