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বিজ্ঞাপন

क्या आप भी पीते हैं ठंडे दिनों में कम पानी? तो हो जाइए सावधान! इन गंभीर बीमारियां हो सकते हैं





क्या आप भी पीते हैं ठंडे दिनों में कम पानी? तो हो जाइए सावधान! इन गंभीर बीमारियां हो सकते हैं 

( अपूर्व दास )

अक्सर देखा जाता है कि सर्दियों के मौसम में लोग पानी पीने में लापरवाही करने लगते हैं। गर्मियों में जहां पसीना निकलने और बार-बार प्यास लगने के कारण लोग पर्याप्त मात्रा में पानी पी लेते हैं, वहीं ठंड में प्यास कम लगती है और शरीर से पसीना भी कम निकलता है। इसी वजह से कई लोग यह मान लेते हैं कि सर्दियों में ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती। लेकिन यह सोच बिल्कुल गलत है। विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में भी शरीर को उतनी ही मात्रा में पानी चाहिए जितनी अन्य मौसमों में। कम पानी पीना कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। 

इस लेख में आपको बताते हैं कि ठंड के दिनों में कम पानी पीने से होने वाले बड़े नुकसान और एक व्यक्ति को दिन में कितना पानी पीना चाहिए।




1. त्वचा का रूखापन और बेजान होना

सर्दियों में त्वचा का रूखा होना एक आम समस्या है। लेकिन इसका एक बड़ा कारण शरीर में पानी की कमी भी होती है। जब आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते, तो शरीर अंदर से डिहाइड्रेट होने लगता है। इसका सीधा असर त्वचा पर दिखाई देता है। त्वचा खिंची हुई, रूखी और फटी-फटी सी लगने लगती है। कई बार होंठ फटना, चेहरे पर पपड़ी जमना और खुजली की समस्या भी बढ़ जाती है। महंगे क्रीम और लोशन लगाने के बावजूद अगर आप पानी कम पी रहे हैं, तो त्वचा की समस्या दूर नहीं होती। स्वस्थ और चमकदार त्वचा के लिए सर्दियों में भी पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है।

2. पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं

कम पानी पीने का असर पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। पानी भोजन को पचाने और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाता है। जब शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता, तो कब्ज, गैस, एसिडिटी और पेट भारी रहने जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। सर्दियों में लोग पहले ही कम शारीरिक गतिविधि करते हैं, ऐसे में पानी की कमी पाचन को और कमजोर बना देती है। लंबे समय तक कब्ज की समस्या रहने से बवासीर जैसी गंभीर परेशानी भी हो सकती है।

3. किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है

ठंड के मौसम में कम पानी पीना किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी) का एक बड़ा कारण बन सकता है। जब आप पर्याप्त पानी नहीं पीते, तो पेशाब की मात्रा कम हो जाती है और उसमें मौजूद खनिज व लवण जमा होने लगते हैं। धीरे-धीरे यही जमाव पथरी का रूप ले लेता है। किडनी स्टोन होने पर तेज दर्द, पेशाब में जलन और कई बार खून आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। डॉक्टरों के अनुसार, पथरी से बचाव का सबसे आसान तरीका है दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना, चाहे मौसम कोई भी हो।

4. यूरिन इन्फेक्शन का खतरा

सर्दियों में लोग ठंड की वजह से बार-बार पेशाब रोक लेते हैं और साथ ही पानी भी कम पीते हैं। इससे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) का खतरा बढ़ जाता है। पानी कम पीने से बैक्टीरिया पेशाब के रास्ते बाहर नहीं निकल पाते और संक्रमण फैलने लगता है। यूरिन इन्फेक्शन होने पर पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना, बदबूदार पेशाब और पेट के निचले हिस्से में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है, इसलिए उन्हें सर्दियों में भी पानी पीने में लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

5. हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का बढ़ता जोखिम

कम पानी पीने का असर दिल और दिमाग पर भी पड़ सकता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो खून गाढ़ा हो जाता है। गाढ़ा खून दिल को पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, खून का प्रवाह धीमा होने से ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम भी बढ़ जाता है। सर्दियों में वैसे ही हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामले ज्यादा सामने आते हैं, ऐसे में पानी की कमी इस खतरे को और बढ़ा सकती है।

◽सर्दियों में पानी पीने के आसान तरीके

• दिन की शुरुआत गुनगुने पानी से करें।
• प्यास न लगे तब भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें।
• सूप, हर्बल टी और गुनगुना दूध भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।
• मोबाइल में रिमाइंडर लगाकर पानी पीने की आदत डालें।





◽एक व्यक्ति को दिन में कितना पानी पीना चाहिए ?

 यह उसकी उम्र, वजन, मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। फिर भी सामान्य रूप से कुछ मानक और आसान नियम बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आप सही मात्रा का अंदाजा लगा सकते हैं।

◽स्वस्थ वयस्क व्यक्ति को दिन में लगभग 2.5 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए। इसे आसान भाषा में समझें तो: 8 से 10 गिलास पानी (एक गिलास लगभग 250 मिली)

◽वजन के अनुसार पानी की मात्रा

एक आसान फॉर्मूला है: प्रति किलो वजन पर 30–35 मिली पानी

उदाहरण:

50 किलो वजन → 1.5 से 1.75 लीटर

60 किलो वजन → 1.8 से 2.1 लीटर

70 किलो वजन → 2.1 से 2.45 लीटर

◽मौसम के अनुसार

गर्मी में: 3 से 4 लीटर तक

सर्दी में: 2 से 2.5 लीटर (भले प्यास कम लगे, पानी जरूर पिएं)

◽ज्यादा पानी कब जरूरी होता है

• ज्यादा पसीना आने पर
• एक्सरसाइज या भारी काम करने पर
• बुखार, दस्त या उल्टी में
• गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को

◽पानी पीने का सही तरीका

• सुबह उठते ही 1–2 गिलास गुनगुना पानी पीना चाहिए।

• भोजन से 30 मिनट पहले या 1 घंटे बाद।

• एक साथ बहुत ज्यादा पानी न पिएं

• दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पिएं


◽शरीर में पानी की कमी के संकेत

• बार-बार थकान
• मुंह सूखना
• गहरा पीला पेशाब
• सिरदर्द और चक्कर


सामान्य व्यक्ति के लिए दिन में 2.5–3 लीटर पानी सबसे उपयुक्त माना जाता है। अगर आपकी कोई स्वास्थ्य समस्या है (जैसे किडनी, हार्ट या लिवर रोग), तो डॉक्टर की सलाह से पानी की मात्रा तय करनी चाहिए।




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