गुरुवार के दिन ये गलतियां कभी न करें
( अपूर्व दास )
ज्योतिष शास्त्र और सनातन धर्म में गुरुवार का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन देवताओं के गुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु को समर्पित है। नवग्रहों के बीच बृहस्पति को सबसे बड़ा और सबसे शुभ ग्रह माना जाता है। कहा जाता है कि जिसकी कुंडली में बृहस्पति ग्रह मजबूत स्थिति में होता है, उसके जीवन में ज्ञान, सम्मान, धन-संपत्ति और सौभाग्य की कभी कमी नहीं होती। लेकिन अनजाने में की गई कुछ गलतियां बृहस्पति ग्रह को रुष्ट या कमजोर कर सकती हैं, जिससे जीवन में कई तरह की समस्याएं दिखाई देने लगती हैं।
नीचे गुरुवार को क्या करना चाहिए और किन कामों से बचना चाहिए, इस विषय पर चर्चा की गई है।
🔴 गुरुवार को ये गलतियां कभी न करें
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गुरुवार को कुछ दैनिक कार्य करने से घर की सुख-शांति नष्ट हो सकती है और आर्थिक तंगी आ सकती है। बृहस्पति ग्रह के कुप्रभाव से बचने के लिए नीचे दिए गए कार्यों से दूर रहें:
◽ बाल धोना और काटना मना है
शास्त्रों के अनुसार, गुरुवार को महिलाओं को बाल नहीं धोने चाहिए। माना जाता है कि इस दिन बाल धोने से महिला के पति की आयु और संतान की उन्नति पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा, इस दिन बाल काटना या दाढ़ी बनाना भी अशुभ माना जाता है। यह बृहस्पति ग्रह को कमजोर करता है, जिससे मान-सम्मान की हानि होने की संभावना रहती है।
◽ नाखून काटना अनुचित
गुरुवार को नाखून काटना भी वर्जित है। माना जाता है कि इस दिन नाखून काटने से घर का "ईशान कोण" (उत्तर-पूर्व दिशा) कमजोर होता है, जो घर के मुखिया के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
◽ कपड़े धोना और साबुन का उपयोग
पुरानी मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार को घर में भारी कपड़े धोना या साबुन से कपड़े साफ करना उचित नहीं है। कहा जाता है कि इस दिन कपड़ों का मैल धोने से घर की सुख-समृद्धि भी साथ में धुल जाती है। विशेष रूप से गंदे कपड़े जमा करके न रखें, लेकिन धोने के लिए कोई और दिन चुनना ही बेहतर है।
◽ घर में पोंछा लगाना या कचरा फेंकना
घर साफ रखना अच्छा है, लेकिन गुरुवार को घर में पानी से पोंछा लगाना या घर से पुराना कचरा (जैसे मकड़ी के जाले या टूटी हुई चीजें) बाहर निकालना शुभ नहीं है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इससे घर के ईशान कोण की ऊर्जा कम होती है और परिवार के सदस्यों की शिक्षा तथा धार्मिक कार्यों में बाधा आती है।
◽ लक्ष्मी की अवहेलना करना
गुरुवार केवल गुरु बृहस्पति का ही नहीं, बल्कि भगवान विष्णु का भी दिन है। चूँकि विष्णु और लक्ष्मी साथ रहते हैं, इसलिए इस दिन लक्ष्मी देवी का अनादर होने वाला कोई काम नहीं करना चाहिए। उदाहरण के लिए, शाम के समय सोना या घर में अंधेरा रखना उचित नहीं है।
◽ मांसाहारी भोजन और नशीले पदार्थों का सेवन
गुरुवार एक पवित्र दिन है। इस दिन मछली, मांस, अंडे या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन करना पूरी तरह से मना है। ऐसा करने से बृहस्पति ग्रह का बुरा प्रभाव पड़ता है और मन की पवित्रता नष्ट होती है।
◽ केला खाना मना है (व्रत रखने वालों के लिए)
इस दिन केले के पेड़ की पूजा की जाती है, क्योंकि केले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। इसलिए जो लोग गुरुवार का व्रत रखते हैं या पूजा करते हैं, उन्हें उस दिन केला नहीं खाना चाहिए। केले का उपयोग केवल दान या प्रसाद के रूप में ही करना चाहिए।
◽ उधार देना या लेना
अर्थशास्त्र और ज्योतिष शास्त्र दोनों में गुरुवार को पैसे उधार देना या लेना बुरा बताया गया है। माना जाता है कि गुरुवार को किसी को धन उधार देने से उस धन के वापस आने की संभावना कम होती है और यह आर्थिक समस्याओं का कारण बन सकता है।
🟢 गुरुवार को क्या करने से सुख-शांति और धन में वृद्धि होती है?
यदि आपकी जन्मकुंडली में बृहस्पति ग्रह कमजोर स्थिति में है या आप जीवन में आर्थिक उन्नति और मानसिक शांति चाहते हैं, तो नीचे दिए गए उपायों का पालन कर सकते हैं:
◽ ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और हल्दी का प्रयोग
गुरुवार को सूर्योदय से पहले या ब्रह्म मुहूर्त में बिस्तर छोड़ देना चाहिए। नहाने के पानी में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर स्नान करने से शरीर और मन पवित्र होता है। हल्दी बृहस्पति ग्रह का प्रतीक है, यह मानसिक तनाव को दूर करने में मदद करती है।
◽ पीले रंग के वस्त्र धारण करना
बृहस्पति ग्रह का प्रिय रंग पीला है। इसलिए गुरुवार को स्नान के बाद पीले रंग के कपड़े पहनना बहुत शुभ होता है। यदि पूरे पीले कपड़े पहनना संभव न हो, तो कम से कम एक पीले रंग का रुमाल या गमछा साथ रख सकते हैं।
◽ भगवान विष्णु और केले के पेड़ की पूजा
⚪ गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में कभी कमी नहीं होती।
⚪ पूजा के समय पीले फूल, चने की दाल, गुड़ और हल्दी अर्पित करें।
⚪ इस दिन केले के पेड़ की जड़ में पानी डालना और पूजा करना अत्यंत फलदायक है। केले के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाने से दांपत्य जीवन की समस्याएं दूर होती हैं और विवाह में आ रही बाधाएं हट जाती हैं।
◽ मंत्र जाप
गुरु बृहस्पति को प्रसन्न करने के लिए नीचे दिए गए मंत्र का 108 बार जाप कर सकते हैं:
"ॐ बृं बृहस्पतये नमः"
अथवा विष्णु मंत्र: "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय"। इन मंत्रों का जाप मन की एकाग्रता बढ़ाता है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।
◽ पीली वस्तुओं का दान
दान करने से ग्रह दोष दूर होते हैं। गुरुवार को अपनी क्षमता के अनुसार ब्राह्मण या गरीबों को पीली वस्तुएं दान करें। जैसे- चने की दाल, हल्दी, पीले कपड़े, सोना (यदि संभव हो), या पीले फल (जैसे केला या आम)। इससे घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।
◽ गुरु और बुजुर्गों का आशीर्वाद
बृहस्पति देवताओं के गुरु हैं। इसलिए वास्तविक जीवन में अपने शिक्षकों, माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करना और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेना ही बृहस्पति ग्रह को मजबूत करने का सबसे आसान उपाय है। जो मनुष्य गुरु का अपमान करता है, उसका बृहस्पति कभी शुभ फलदायी नहीं होता।
◽ केसर का तिलक लगाना
पूजा के अंत में माथे पर हल्दी या केसर (Saffron) का तिलक लगाएं। यह आपके सौभाग्य को बढ़ाता है और समाज में मान-सम्मान बढ़ाता है। किसी विशेष काम के लिए निकलने से पहले यह तिलक लगाने से कार्य में सफलता मिलती है।
◽ गाय को गुड़ और चना खिलाना
गुरुवार को गाय को भीगी हुई चने की दाल और गुड़ मिलाकर खिलाना बहुत पुण्य का काम है। इससे परिवार पर बच्चों को लेकर होने वाली चिंताएं दूर होती हैं और संतान का भविष्य उज्ज्वल होता है।
◽ सत्यनारायण पूजा या कथा श्रवण
यदि संभव हो, तो महीने के किसी एक गुरुवार या पूर्णिमा के दिन घर में सत्यनारायण पूजा आयोजित कर सकते हैं या सत्यनारायण की कथा पढ़ सकते हैं। यह पूरे परिवार के लिए मंगलकारी है।
गुरुवार के इन नियमों का पालन करने से न केवल धार्मिक लाभ होता है, बल्कि यह हमारे जीवन में एक अनुशासन भी लाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बृहस्पति ग्रह मजबूत होने पर व्यक्ति का ज्ञान बढ़ता है, सही निर्णय लेने की क्षमता पैदा होती है और समाज में प्रतिष्ठा बढ़ती है।
जो लोग आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं या विवाह में बाधाओं का सामना कर रहे हैं, वे कम से कम 11 गुरुवार व्रत रखकर उपरोक्त नियमों का पालन करें तो निश्चित रूप से शुभ फल प्राप्त करेंगे। याद रखें, कोई भी उपाय या पूजा शुद्ध मन और विश्वास के साथ करने पर ही उसका फल मिलता है।
इसलिए, इस गुरुवार से ही कुछ छोटी-छोटी आदतें बदलें - जैसे किसी को कड़वी बातें न कहना, मांसाहार का त्याग करना और पीले रंग पर ध्यान देना। आप देखेंगे कि आपके जीवन में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं।
◽ ध्यान रखें: व्रत रखने वालों को दिन में एक बार ही भोजन करना चाहिए और उस भोजन में नमक का उपयोग न करें तो ज्यादा अच्छा माना जाता है। मीठा भोजन (जैसे बेसन के लड्डू या खीर) इस दिन शुभ होता है।