पुरुषों के गुप्तांग (लिंग) पर सफेद परत जमना और तेज खुजली होना एक बहुत ही आम समस्या है।
( Apurba Das )
पुरुषों के गुप्तांग (लिंग) पर सफेद परत जमना और तेज खुजली होना एक बहुत ही आम समस्या है। चिकित्सा विज्ञान में इसे आमतौर पर बैलेनाइटिस (Balanitis) या कैंडिडिआसिस (यीस्ट इन्फेक्शन) कहा जाता है। इसे नजरअंदाज करने पर यह गंभीर रूप ले सकता है।
◽यह किस बैक्टीरिया या कारण से होता है?
ज्यादातर मामलों में इसका मुख्य कारण बैक्टीरिया नहीं, बल्कि एक प्रकार का फंगस होता है।
◽ कैंडिडा अल्बिकन्स (Candida albicans): यह एक प्रकार का यीस्ट या फंगस है। यह हमारे शरीर में पहले से होता है, लेकिन जब गुप्तांग की जगह गीली रहती है या साफ-सफाई ठीक से नहीं होती, तो यह तेजी से बढ़ने लगता है। इसी वजह से दही जैसी सफेद परत जमती है और खुजली होती है।
◽ बैक्टीरिया का संक्रमण: कई बार फंगस के साथ बैक्टीरिया भी हमला कर देते हैं। खासकर स्ट्रेप्टोकोकस (Streptococcus) नाम के बैक्टीरिया इस समस्या को बढ़ा सकते हैं।
◽ स्मेग्मा (Smegma): लिंग की त्वचा के नीचे जमा होने वाला तेल और मृत त्वचा का मिश्रण। अगर इसे रोज साफ न किया जाए, तो यह सफेद परत जैसा दिखता है और इन्फेक्शन पैदा करता है।
◽ डायबिटीज (मधुमेह): जिन लोगों को शुगर की बीमारी है, उनके पेशाब में शुगर की मात्रा ज्यादा होती है, जो फंगस को बढ़ने में मदद करती है।
◽इसके कारण क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?
अगर इसका सही समय पर इलाज न किया जाए, तो यह केवल खुजली तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:
◽ बैलेनाइटिस: लिंग के आगे के हिस्से (glans) में सूजन आना, लाल पड़ जाना और तेज दर्द होना।
◽ त्वचा का फटना: ज्यादा खुजली करने से लिंग की त्वचा फट सकती है, जिससे पेशाब करते समय या संबंध बनाते समय तेज जलन और दर्द होता है।
◽ फाइमोसिस (Phimosis): लंबे समय तक संक्रमण रहने पर लिंग के आगे की त्वचा (foreskin) इतनी सख्त हो जाती है कि उसे पीछे नहीं खींचा जा सकता। इसके लिए ऑपरेशन की भी नौबत आ सकती है।
◽ पार्टनर को संक्रमण: यह संक्रमण आपके द्वारा आपकी महिला पार्टनर को भी हो सकता है, जिससे उन्हें भी गुप्तांग में खुजली और व्हाइट डिस्चार्ज की समस्या हो सकती है।
👄 इस अवस्था में मुख मैथुन (Oral Sex) करना कितना सुरक्षित है?
यह बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। जब आपके गुप्तांग में संक्रमण होता है, तो वहां हजारों फंगस या बैक्टीरिया सक्रिय होते हैं। ऐसी हालत में अगर कोई वहां मुंह लगाता है (Oral Sex), तो वे कीटाणु सीधे उनके मुंह, गले और पेट में चले जाते हैं।
असुरक्षित होने के मुख्य कारण:
◽ गुप्तांग से फंगस मुंह में जाकर छाले पैदा कर सकता है।
◽ संक्रमण के दौरान लिंग की त्वचा बहुत नाजुक होती है, दांत या मुंह के स्पर्श से वहां जख्म हो सकता है और खून निकल सकता है।
◽ यह साफ-सफाई के नजरिए से भी बहुत अस्वच्छ है।
🔴 इसके कारण कौन-कौन से रोग हो सकते हैं?
अगर संक्रमित गुप्तांग के साथ ओरल सेक्स किया जाए, तो पार्टनर (जिसने मुंह का इस्तेमाल किया है) को निम्नलिखित बीमारियां हो सकती हैं:
◽ ओरल थ्रश (Oral Thrush): चूंकि यह सफेद परत अक्सर कैंडिडा फंगस के कारण होती है, ओरल सेक्स से यह फंगस मुंह में फैल जाता है। इससे पार्टनर की जीभ, गालों के अंदर और गले में सफेद परत जम जाती है और मुंह में छाले हो जाते हैं।
◽ गले का संक्रमण (Pharyngitis): अगर यह इन्फेक्शन बैक्टीरिया की वजह से है, तो यह गले में गंभीर संक्रमण कर सकता है। इससे गले में खराश, दर्द और निगलने में तकलीफ हो सकती है।
◽ यौन रोगों का खतरा: कभी-कभी सफेद परत सूजाक (Gonorrhea) या हर्पीस (Herpes) जैसे गंभीर यौन रोगों का संकेत भी हो सकती है। ऐसे में ओरल सेक्स करने से ये लाइलाज बीमारियां मुंह और गले में हो सकती हैं।
📌 सलाह और उपचार
इस समस्या को छुपाएं नहीं, इसका इलाज बहुत आसान है।
◽ डॉक्टर से मिलें: तुरंत किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ (Dermatologist) को दिखाएं। वे आपको लगाने के लिए एंटी-फंगल क्रीम (जैसे Clotrimazole) और खाने की दवा देंगे।
◽ साफ-सफाई: नहाते समय लिंग की त्वचा को पीछे करके हल्के गर्म पानी से धोएं। बहुत तेज साबुन का इस्तेमाल न करें। धोने के बाद उस जगह को सूती कपड़े से सुखा लें।
◽ शुगर की जांच: अगर आपको बार-बार यह समस्या हो रही है, तो अपना ब्लड शुगर टेस्ट जरूर करवाएं।
◽ परहेज: जब तक संक्रमण पूरी तरह ठीक न हो जाए, तब तक यौन संबंध या ओरल सेक्स से पूरी तरह दूर रहें।