मुख्यमंत्री निजुत बाबु आसोनी (Mukhya Mantrir Nijut Babu Aasoni) क्या है? कौन-कौन पुरुष छात्र इसका लाभ पाएंगे और कौन नहीं?
( Anuradha Das )
मुख्यमंत्री निजुत बाबु आसोनी असम सरकार की उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई एक नई कल्याणकारी योजना है, जिसे शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू किया गया है। यह योजना खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के पुरुष (Male) छात्रों के लिए लाई गई है, ताकि वे उच्च शिक्षा में दाख़िला लेने और पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करें।
अब तक असम सरकार लड़कियों के लिए मुख्यमंत्री निजुत मोइना आसोनी जैसी योजनाएँ चला रही थी। लेकिन यह देखा गया कि कई गरीब परिवारों के लड़के Higher Secondary के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने लैंगिक संतुलन (Gender Balance) और ड्रॉपआउट कम करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की है।
◽मुख्यमंत्री निजुत बाबु आसोनी का उद्देश्य
इस योजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
• आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के पुरुष छात्रों का उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ाना।
• असम राज्य का Gross Enrolment Ratio (GER) सुधारना।
• UG और PG के पहले वर्ष में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की संख्या कम करना।
• लड़के-लड़कियों के बीच शिक्षा में समानता लाना।
• नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के लक्ष्यों के अनुरूप सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना।
🟢 योजना का दायरा (किस पर लागू होगी)
मुख्यमंत्री निजुत बाबु आसोनी के तहत वित्तीय सहायता केवल उन्हीं पुरुष छात्रों को दी जाएगी जो:
• असम के स्थायी निवासी (Domicile of Assam) हों
• सरकारी या प्रांतीयकृत (Provincialised) कॉलेज/विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हों
• नियमित (Regular) छात्र हों
• UG प्रथम वर्ष या PG प्रथम वर्ष में नामांकित हों
⚠️ निजी कॉलेज, निजी विश्वविद्यालय और सेल्फ-फाइनेंस्ड कोर्स इस योजना के अंतर्गत शामिल नहीं हैं।
🟢 पात्रता (Eligibility Criteria) – कौन छात्र लाभ पाएगा?
निम्न शर्तों को पूरा करने वाले पुरुष छात्र इस योजना के पात्र होंगे:
• छात्र पुरुष (Male) होना चाहिए।
• छात्र असम का स्थायी निवासी होना चाहिए।
• छात्र के परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
• छात्र सरकारी या प्रांतीयकृत संस्थान में UG 1st Year या
PG 1st Year में नियमित रूप से पढ़ रहा हो।
◽छात्र को संस्थान के सभी नियमों का पालन करना होगा –
• नियमित उपस्थिति
• अनुशासन
• शैक्षणिक आचरण
• छात्र के पास मान्य आय प्रमाण पत्र या राशन कार्ड होना आवश्यक है।
🔴 कौन-कौन छात्र इस योजना के पात्र नहीं होंगे?
नीचे दिए गए छात्र मुख्यमंत्री निजुत बाबु आसोनी का लाभ नहीं ले सकते:
◽UG (स्नातक) छात्रों के लिए:
• विवाहित (Married) पुरुष छात्र पात्र नहीं होंगे।
• जो छात्र बाणीकांत काकाती मेरिट अवार्ड (स्कूटी योजना) का लाभ ले रहे हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं हैं।
◽PG (स्नातकोत्तर) छात्रों के लिए:
• विवाहित (Married) पुरुष छात्र पात्र नहीं होंगे।
• जो छात्र CM’s Jibon Prerana Scheme का लाभ ले रहे हैं, वे इस योजना से बाहर होंगे।
◽अन्य कारण:
• निजी कॉलेज या सेल्फ-फाइनेंस्ड कोर्स के छात्र।
• जिनके परिवार की वार्षिक आय 4 लाख से अधिक है।
• जो छात्र ड्रॉपआउट हो जाते हैं या संस्थान छोड़ देते हैं।
⚠️ जिन पर अनुशासनहीनता, रैगिंग, नकल, तोड़फोड़ या गलत व्यवहार का मामला पाया जाता है – उनका लाभ तुरंत रद्द किया जा सकता है।
◽कितनी राशि मिलेगी? (Financial Assistance Amount)
UG प्रथम वर्ष (UG 1st Year):
• ₹ 1,000 प्रति माह
• अधिकतम 10 महीने
• कुल राशि: ₹10,000 प्रति वर्ष ।
PG प्रथम वर्ष (PG 1st Year):
• ₹ 2,000 प्रति माह
• अधिकतम 10 महीने
• कुल राशि: ₹20,000 प्रति वर्ष
⚠️ गर्मी की छुट्टियों या एक महीने से अधिक की छुट्टी के दौरान राशि नहीं मिलेगी।
◽आवेदन प्रक्रिया (Mode of Application)
• छात्र को अपनी सही और पूरी जानकारी देना अनिवार्य है।
• कॉलेज/विश्वविद्यालय के प्राचार्य या रजिस्ट्रार छात्र का डेटा सत्यापित करेंगे।
• सभी जानकारी SAMARTH Portal के माध्यम से अपलोड की जाएगी।
• हर संस्थान में 1 या 2 नोडल शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे।
• माता-पिता चाहें तो यह तय कर सकते हैं कि उनका बेटा योजना का लाभ ले या नहीं।
◽भुगतान की प्रक्रिया (Mode of Payment)
• राशि सीधे छात्र के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से हर महीने भेजी जाएगी।
मुख्यमंत्री निजुत बाबु आसोनी असम सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जो गरीब परिवारों के पुरुष छात्रों को उच्च शिक्षा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता देती है, बल्कि लड़कों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित करती है। यदि कोई छात्र पात्रता की शर्तें पूरी करता है और अनुशासन में रहता है, तो यह योजना उसके शैक्षणिक जीवन में बहुत सहायक सिद्ध हो सकती है।