अचानक स्कूल के फर्श पर एक व्यक्ति की मौत! रास्ते में या किसी स्थान पर अचानक आदमी क्यों मर जाते हैं? (इसके वैज्ञानिक कारण)
( Apurba Das )
अचानक स्कूल के फर्श पर एक व्यक्ति की मौत!
जोरहाट के काछगढ़ाल सोनारी गांव के निवासी दीपांकर बरदलै, उम्र मात्र 35 वर्ष, की अचानक हुई मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया। वह अपने छोटे बच्चे के परीक्षा परिणाम लेने के लिए सेमफोर्ड स्कूल गए थे। स्कूल परिसर में प्रवेश करते ही वह अचानक फर्श पर गिर पड़े। गिरने के बाद वह दोबारा उठ नहीं सके और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
यह पूरी घटना स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि दीपांकर पूरी तरह सामान्य और स्वस्थ अवस्था में चलते हुए स्कूल के अंदर जा रहे थे। न कोई लड़खड़ाहट, न कोई परेशानी—बस कुछ ही सेकंड में वह जमीन पर गिर पड़े और उनकी जान चली गई। यह दृश्य इतना हृदयविदारक है कि देखने वालों की आंखें नम हो जाती हैं।
यह घटना बेहद दुखद है, लेकिन यह कोई एक दिन, एक जगह या एक व्यक्ति की घटना नहीं है। बीते कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों—उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक—से ऐसी ही कई खबरें सामने आई हैं, जहां लोग अचानक गिर पड़े और उनकी मृत्यु हो गई।
इन मामलों में एक बात समान रूप से सामने आ रही है—अधिकांश मौतें हृदय गति रुकने (Cardiac Arrest) के कारण हुई हैं। चिंता की बात यह है कि मृतकों में से ज्यादातर लोग 30 से 50 वर्ष की आयु के थे और बाहर से पूरी तरह स्वस्थ दिखाई देते थे। कोई खेलते समय गिरा, कोई ऑफिस में काम करते हुए, तो कोई सड़क पर चलते-चलते या किसी सार्वजनिक स्थान पर।
दीपांकर बरदलै की मौत भी इसी कड़ी का एक और दर्दनाक उदाहरण है। एक पिता, जो अपने बच्चे की खुशी के लिए स्कूल गया था, वह कभी घर वापस नहीं लौटा। पीछे रह गया एक मासूम बच्चा, एक परिवार और ढेर सारे अनुत्तरित सवाल।
लगातार हो रही ऐसी अचानक मौतों ने समाज में डर और चिंता दोनों बढ़ा दी हैं। लोग अब यह सोचने को मजबूर हैं कि आखिर अचानक स्वस्थ दिखने वाले लोग यूं कैसे मौत का शिकार हो रहे हैं। यह घटना न केवल शोक का विषय है, बल्कि एक गंभीर चेतावनी भी है कि स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही अब जानलेवा साबित हो सकती है।
अक्सर हम समाचारों में या अपने आसपास सुनते हैं कि कोई व्यक्ति चलते-चलते, बस स्टॉप पर खड़ा हुआ, ऑफिस में काम करते समय या बाजार में अचानक गिर पड़ा और उसकी मृत्यु हो गई। बाहर से देखने पर यह घटना रहस्यमय लगती है, लेकिन विज्ञान और चिकित्सा के अनुसार इसके पीछे कई स्पष्ट और ठोस कारण होते हैं। इस लेख में आप वैज्ञानिक दृष्टि से समझेंगे कि अचानक मृत्यु (Sudden Death) क्यों होती है।
1. अचानक हृदय गति रुक जाना (Sudden Cardiac Arrest)
अचानक मौत का सबसे बड़ा और सामान्य कारण हृदय गति का अचानक रुक जाना होता है। इसे Sudden Cardiac Arrest कहा जाता है।
वैज्ञानिक कारण:
• हृदय की इलेक्ट्रिकल सिस्टम में गड़बड़ी
• वेंट्रिकुलर फाइब्रिलेशन (दिल का अनियमित कांपना)
• पहले से मौजूद हार्ट डिजीज, लेकिन लक्षण न दिखना
• जब दिल अचानक पंप करना बंद कर देता है, तो दिमाग को ऑक्सीजन नहीं मिलती और 3–5 मिनट में व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है।
2. हार्ट अटैक (Heart Attack)
हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में फर्क है, लेकिन दोनों अचानक मौत का कारण बन सकते हैं।
वैज्ञानिक कारण:
• कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज
• खून का थक्का (Blood Clot)
• अत्यधिक तनाव या अचानक शारीरिक मेहनत
• कई बार हार्ट अटैक के लक्षण हल्के होते हैं या नजरअंदाज कर दिए जाते हैं, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल पाता।
3. ब्रेन स्ट्रोक (Stroke)
ब्रेन स्ट्रोक भी अचानक मौत का बड़ा कारण है।
वैज्ञानिक कारण:
• दिमाग की नस फटना (Hemorrhagic Stroke)
• दिमाग में खून का थक्का जम जाना (Ischemic Stroke)
• अत्यधिक हाई ब्लड प्रेशर
• अगर स्ट्रोक दिमाग के महत्वपूर्ण हिस्से में हो जाए, तो व्यक्ति कुछ ही मिनटों में बेहोश होकर मर सकता है।
4. पल्मोनरी एम्बोलिज़्म (Pulmonary Embolism)
यह एक खामोश लेकिन खतरनाक कारण है।
वैज्ञानिक कारण:
• पैरों की नसों में बना खून का थक्का
• वह थक्का फेफड़ों तक पहुंच जाना
• फेफड़ों में अचानक ऑक्सीजन सप्लाई बंद होना
• इसमें व्यक्ति को अचानक सांस लेने में दिक्कत होती है और कुछ ही मिनटों में मृत्यु हो सकती है।
5. एरिदमिया (Arrhythmia)
एरिदमिया में दिल की धड़कन बहुत तेज, बहुत धीमी या अनियमित हो जाती है।
वैज्ञानिक कारण:
• इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन (सोडियम, पोटैशियम की कमी/अधिकता)
• जन्मजात हृदय दोष
• कुछ दवाओं का साइड इफेक्ट
यह समस्या बाहर से दिखाई नहीं देती, लेकिन अचानक जानलेवा हो सकती है।
6. अत्यधिक तनाव और मानसिक आघात
मानसिक तनाव भी अचानक मृत्यु का कारण बन सकता है।
वैज्ञानिक कारण:
• अचानक अत्यधिक एड्रेनालिन हार्मोन रिलीज
• ब्लड प्रेशर का अचानक बढ़ना
• हार्ट रिदम का बिगड़ना
• इसे Stress-Induced Cardiac Event भी कहा जाता है।
7. अत्यधिक गर्मी या ठंड (Heat Stroke / Hypothermia)
मौसम से जुड़ी स्थितियां भी अचानक मौत का कारण बन सकती हैं।
वैज्ञानिक कारण:
• शरीर का तापमान असंतुलित होना
• डिहाइड्रेशन
• अंगों का काम करना बंद कर देना
• हीट स्ट्रोक में शरीर का तापमान 40°C से ऊपर चला जाता है, जो जानलेवा होता है।
8. जहरीले पदार्थ या गैस (Poisoning / Gas Exposure)
कभी-कभी सार्वजनिक स्थानों पर गैस या जहरीले तत्वों से मौत हो जाती है।
वैज्ञानिक कारण:
• कार्बन मोनोऑक्साइड गैस
• कीटनाशक या रसायन
• ऑक्सीजन की कमी
इसमें व्यक्ति को पता भी नहीं चलता और कुछ ही समय में मौत हो जाती है।
9. पहले से मौजूद बीमारी लेकिन जानकारी न होना
बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिन्हें अपनी बीमारी का पता ही नहीं होता।
जैसे: हाई बीपी, डायबिटीज , साइलेंट हार्ट डिजीज -
जब शरीर पर अचानक दबाव पड़ता है (चलना, भागना, तनाव), तब यह बीमारी घातक रूप ले लेती है।
10. जीवनशैली से जुड़े कारण
वैज्ञानिक दृष्टि से:
• धूम्रपान
• शराब का अधिक सेवन
• शारीरिक गतिविधि की कमी
• गलत खान-पान ( ज्यादा नमक, ऑइली फूड, सर्बि वाला भोजन भोजन करना फास्ट फूड , स्ट्रीट फूड )
ये सभी धीरे-धीरे शरीर को कमजोर बनाते हैं और अचानक मौत का खतरा बढ़ाते हैं।
रास्ते में या किसी स्थान पर अचानक किसी व्यक्ति की मृत्यु कोई चमत्कार या रहस्य नहीं, बल्कि इसके पीछे स्पष्ट वैज्ञानिक और मेडिकल कारण होते हैं। अधिकतर मामलों में हृदय, दिमाग, रक्त संचार या ऑक्सीजन की सप्लाई से जुड़ी समस्या जिम्मेदार होती है।
बचाव के लिए:
• नियमित हेल्थ चेकअप
• ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच
• तनाव कम करना
• स्वस्थ जीवनशैली अपनाना
• समय पर सावधानी और जागरूकता से अचानक होने वाली मौतों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।